कंधमाल : बारिश में गांव से शहर तक बेहाल। कलिंगा घाटी में फिर से मिट्टी धंस गई। घाटी के अंधारिकोट के पास निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार धंस जाने के बाद इस सड़क पर यातायात एक बार फिर बाधित हो गया है। आगे भी बारिश जारी रहने के साथ भूस्खलन की आशंका होने के कारण प्रशासन की ओर से अनिश्चित काल के लिए कलिंगा घाटी में यातायात बंद कर दिया गया है।इस वर्ष बारिश को लेकर भूस्खलन की आशंका होने के कारण पहले भी दो दिनों के लिए घाटी की सड़क पर यातायात बंद रखा गया था। हालांकि दो दिनों तक हुई भारी बारिश के बाद अंधारिकोट के पास चौड़ीकरण का काम चल रही सुरक्षा दीवार का एक बड़ा हिस्सा धंस गया है। कुछ और हिस्से भी धंसने की स्थिति में होने के कारण इस सड़क पर यातायात को सुरक्षित नहीं माना जा रहा है। इसके साथ ही पिछले वर्ष भूस्खलन हुए स्थान पर लटका हुआ एक विशाल पत्थर गुरुवार दोपहर में खिसककर सड़क को अवरुद्ध कर चुका है। परिणामस्वरूप घाटी में खतरा और बढ़ गया है।घटनास्थल पर कंधमाल जिलाधिकारी वेदभूषण, प्रोबेशनर जसकरण सिंह, जी.उदयगिरि तहसीलदार समुद्र मिश्रा, अतिरिक्त तहसीलदार देवाशीष जेना और थाना अधिकारी विजय कुमार मिश्रा प्रमुख रूप से पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। प्रशासन स्थिति पर नजर रखे हुए है।पिछले वर्ष भी इसी समय कलिंगा घाटी में भूस्खलन हुआ था। सड़क सामान्य होने में लगभग ४७ दिन का समय लगा था, इसलिए इस बार भी स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है। लंबे समय तक यातायात बंद रहने पर क्षेत्रवासियों के जीवनयापन और आजीविका के प्रभावित होने की आशंका है।
दूसरी ओर, धंसी हुई सुरक्षा दीवार के स्थान पर वर्षों से काम चलने के बावजूद बार-बार धंसने को लेकर आम लोगों में सवाल उठ रहे हैं। इसके साथ ही कलिंगा घाटी के लिए एक वैकल्पिक सड़क के निर्माण को लेकर लंबे समय से मांग होती आ रही है, फिर भी इस पर आवश्यक महत्व नहीं दिए जाने को लेकर चर्चा हो रही है। वर्तमान में घाटी की स्थिति को जल्द सामान्य करना या वैकल्पिक यातायात व्यवस्था करना जिला प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है।

