पुरी में कार्तिक की शुरुआत में ही भारी अव्यवस्था : हबिषियालियों के साथ मारपीट, सामान फेंका ।

utkalnews7
By
0

पुरी: बड़ी उम्मीदें लेकर वे पुरी आई थीं। श्रीक्षेत्र में कार्तिक का महीना बिताना चाहती थीं, भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर पुण्य अर्जित करना चाहती थीं। लेकिन पुलिस उनके साथ इतना अपमानजनक व्यवहार करेगी, इसकी उन्होंने सपने में भी कल्पना नहीं की थी। कार्तिक महीने की शुरुआत में ही श्रीक्षेत्र में भारी अव्यवस्था देखने को मिली है। आरोप है कि पुलिस ने हबिषियालियों (कार्तिक व्रत करने वाली बुजुर्ग महिलाओं) के साथ मारपीट की और उनका सामान फेंक दिया। इतना ही नहीं, उन्हें जबरन बस में बैठाकर पुरी से बाहर भेजने की कोशिश भी की गई।

सोमवार को पुरी शहर स्थित वृंदावती निवास के निःशुल्क हबिषियाली शिविर के सामने हुई इस घटना से तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। इसके बाद 50 से अधिक बुजुर्ग महिलाओं को सड़क किनारे बैठकर रोते हुए देखा गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिना पंजीकरण के सैकड़ों महिलाएं रविवार को सामान लेकर वृंदावती निवास और रेलवे पर्यटन केंद्र स्थित सरकारी हबिषियाली शिविरों में पहुंची थीं। सूची में उनके नाम नहीं होने के कारण वहां के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। इसके विरोध में 50 से अधिक हबिषियालियों ने धरना दिया। इससे वहां तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

उप-जिलाधिकारी सहित कुछ अधिकारी मौके पर पहुंचे और धरने पर बैठी महिलाओं से बातचीत की। उप-जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि यदि सोमवार शाम तक पंजीकृत हबिषियालियां नहीं पहुंचती हैं, तो उनकी जगह नई महिलाओं को रहने का अवसर दिया जाएगा।इस आश्वासन के बाद सैकड़ों महिलाएं पूरी रात सरकारी हबिषियाली शिविर के सामने इंतजार करती रहीं।

हालांकि, सोमवार को कुछ और महिलाएं बिना पंजीकरण के अचानक वृंदावती निवास पहुंच गईं। उन्होंने वहां रहकर कार्तिक व्रत करने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्हें प्रवेश नहीं दिया गया। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने उन्हें जल्द से जल्द वहां से चले जाने को कहा। लेकिन महिलाएं वहां से हटने को तैयार नहीं थीं।

महिलाओं ने कहा कि राज्य सरकार ने श्रीक्षेत्र में उनके लिए निःशुल्क कार्तिक व्रत की व्यवस्था की है, इसलिए उन्हें वहां रहने दिया जाना चाहिए। इसके बाद पुलिस द्वारा बल प्रयोग किए जाने और कथित तौर पर दमनात्मक कार्रवाई किए जाने का आरोप लगा।

आरोप है कि कुछ पुलिसकर्मियों ने हबिषियालियों का सामान फेंक दिया और उन्हें जबरन बस में बैठाकर वहां से हटाने की कोशिश की। हबिषियाली बिलासिनी पाईकराय, प्रभाती मिश्र और स्नेहलता महापात्र सहित कई महिलाओं ने मीडिया के सामने अपनी शिकायतें रखीं। बिलासिनी ने आरोप लगाया कि उन पर पानी की बौछार भी की गई।

बताया जा रहा है कि 50 से अधिक हबिषियालियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इनमें से कई महिलाओं ने ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन उनका चयन नहीं हुआ था। कार्तिक व्रत करने के लिए श्रीक्षेत्र आई महिलाओं के साथ इस तरह के कथित अमानवीय व्यवहार से आम लोगों में आक्रोश है। मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग उठ रही है।बिना पंजीकरण के आई कुछ हबिषियालियों को उत्कल बालाश्रम और बायाबाबा मठ में ठहराया गया है। वहीं, कुछ अन्य महिलाओं को वाहनों से बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया गया। हालांकि, कुछ महिलाएं सोमवार रात तक वृंदावती निवास के सामने इंतजार करती रहीं।

सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के उप-निदेशक संतोष कुमार सेठी ने बताया कि अब तक लगभग 250 हबिषियालियां बिना पंजीकरण के आई हैं और वे वृंदावती निवास के निःशुल्क कार्तिक व्रत शिविर में रहने की मांग पर अड़ी हुई हैं।

इस मामले में जिलाधिकारी दिव्यज्योति परिड़ा और पुलिस अधीक्षक प्रतीक सिंह से प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस कारण उनकी प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

दूसरी ओर, सिटी डीएसपी रश्मिरंजन महापात्र ने कहा कि किसी भी हबिषियाली के साथ दुर्व्यवहार नहीं किया गया है। उनके अनुसार, बिना पंजीकरण के आई कुछ महिलाओं को पुलिस ने दूसरी जगह स्थानांतरित करने की कोशिश की थी, लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं हुईं। उन्होंने यह भी कहा कि बल प्रयोग या दुर्व्यवहार को लेकर किसी ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

Post a Comment

0 Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*