किसान से 10 हजार की रिश्वत मांगना पड़ा महंगा, 3 रिश्वतखोर आयकर अधिकारियों के खिलाफ CBI ने मामला दर्ज किया।



भुवनेश्वर, 10/04: पैन कार्ड को निष्क्रिय करने के लिए एक किसान से 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगना आयकर विभाग के 3 अधिकारियों को महंगा पड़ गया। CBI ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वे हैं आयकर इंस्पेक्टर टी सत्यनारायण राव, क्लर्क भीमसेन बारिक और डेटा एंट्री ऑपरेटर कुमार समरेश। एयरफील्ड थाना क्षेत्र के बारकुड़ा गांव के निवासी किसान सुभाष चंद्र साहू (50) हैं। कुछ दिन पहले वे आधार के साथ पैन कार्ड लिंक कराने गए थे। वहां पता चला कि आधार कार्ड में उनके पिता का नाम योगी साहू है, जबकि पैन कार्ड में योगेंद्र साहू दर्ज है। इस गलती को सुधारने के बजाय उन्होंने नया पैन कार्ड के लिए आवेदन कर दिया। नया पैन कार्ड मिल गया। उन्हें यह पता नहीं था कि दो पैन कार्ड रखना अपराध है। एक दिन वे पैसे निकालने के लिए बैंक गए, लेकिन वहां कोई लेन-देन नहीं कर पाए। बैंक कर्मचारियों ने बताया कि दो पैन कार्ड होने के कारण यह समस्या हो रही है। बैंक कर्मियों ने उन्हें आयकर विभाग के कार्यालय जाकर एक पैन कार्ड (पुराना) निष्क्रिय कराने की सलाह दी।सुभाष आयकर विभाग के कार्यालय गए और सबसे पहले डेटा एंट्री ऑपरेटर समरेश से मिलकर पूरी बात बताई। समरेश उन्हें क्लर्क भीमसेन के पास ले गए। दोनों ने उनसे कहा कि 2 हजार रुपये देने पर पुराना पैन कार्ड निष्क्रिय कर दिया जाएगा। लेकिन पैसे न होने के कारण सुभाष ने बड़े बाबू से मिलने की बात कही। दोनों उन्हें लेकर इंस्पेक्टर टी सत्यनारायण के पास गए। सब कुछ सुनने के बाद सत्यनारायण ने 10 हजार रुपये की मांग की। यहां तक कि उन्होंने उनका आवेदन पत्र रखने से भी मना कर दिया। हालांकि सुभाष ने उनकी मेज पर आवेदन पत्र रखकर वहां से चले गए। बाद में उन्होंने इसकी सूचना CBI को दी। CBI ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

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